विडंबना : भारत में राष्ट्रपति बनने के लिए हिंदी जानना जरूरी नहीं, जबकि डाकिया की नौकरी के लिए अंग्रेजी का ज्ञान होना आवश्यक है.


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Saturday, 3 April 2010

अंग्रेजी के शब्दों की वर्तनी संबंधी भूलें-1


हिंदी में अंग्रेजी के शब्दों का उपयोग करते समय सावधानी बरते जाने की जरूरत है, उच्चारण में दोष होने के कारण अक्सर अंग्रेजी के शब्दों की वर्तनी गलत लिखी जाती है. वर्तनी संबंधी भूल के कारण सही शब्द के स्थान पर गलत शब्द का लिख दिया जाता है. इस प्रकार शब्दों के अर्थ बदल जाते हैं. 'भण्डारी पैनल कौंसिल' शीर्षक और संबंधित समाचार में अंग्रेजी के शब्द कौंसिल (Council ) का उपयोग किया गया है, जिसका अर्थ परिषद, समिति, सभा या महासभा होता है. संबंधित समाचार से स्पष्ट है कि श्री अमित भंडारी अधिवक्ता हैं. इसलिए उन्हें अधिवक्ताओं के पैनल में ही शामिल किया गया होगा. इस समाचार में कौंसिल की जगह काउंसल ( Counsel ) लिखा जाना चाहिए था. काउंसल का अर्थ अधिवक्ता, परामर्श, परामर्शदाता या मंत्रणा होता है.
इसी प्रकार 'सिंघवी वरिष्ठ स्टेंडिंग कौंसिल नियुक्त ' शीर्षक वाली खबर में 'स्टेंडिंग कौंसिल' की जगह 'स्टैंडिंग काउंसल' लिखा जाना चाहिए था. 'स्टैंडिंग कौंसिल' का अर्थ तो स्थायी समिति होता है. जब श्री मगराज सिंघवी अधिवक्ता हैं, तब उन्हें स्थायी अधिवक्ता ही नियुक्त किया जाएगा. वे स्थायी परिषद कैसे हो सकते हैं? 

Monday, 15 March 2010

हिंदी शब्दों के उपयोग में भ्रमवश होने वाली अशुद्धियां -5

शब्दों के चयन में होने वाली भूलें


हिंदी अनेक राज्यों की मातृभाषा है. यह विदेशों में भी बोली जाती है. विभिन्न राज्यों में इसकी उपभाषाएं भी हैं. भौगोलिक सीमाओं से ऊपर उठा कर अंतरराष्ट्रीय भाषा का रूप देने के लिए हिंदी का एक मानक रूप स्वीकृत किया गया है. हिंदी की एक और विशेषता है कि यह जैसी बोली जाती है, वैसी ही लिखी भी जाती है. अक्सर गलत शब्दों का चयन या सही उच्चारण नहीं होने के कारण अर्थ का अनर्थ हो जाता है. कई बार अनावश्यक शब्दों का उपयोग भी किया जाता है.

'स्कूल में शराब पार्टी ग्रामीणों ने शिक्षकों को किया ताले में बंद' शीर्षक से तो यही लगता है कि ग्रामीणों ने शिक्षकों को ताले के अंदर बंद कर दिया. छोटे से ताले में एक आदमी को कैसे बंद किया जा सकता है? यहां ग्रामीणों ने शिक्षकों को किया ताले में बंद की जगह ग्रामीणों ने शिक्षकों को किया कमरे में बंद लिखा जाना ज्यादा उचित होता.

'मेहरानगढ़ दुर्ग हादसे की जांच कर रही है पुलिस : सेन' शीर्षक में मेहरानगढ़ से स्पष्ट है कि यहां किसी विशेष दुर्ग की चर्चा की जा रही है. शीर्षक में दुर्ग शब्द लिखने की कोई जरूरत नहीं थी. दूसरे शब्दों में इसे पुनरुक्ति दोष कहा जा सकता है. गढ़ और दुर्ग दोनों का अर्थ किला होता है. इसलिए यहां 'मेहरानगढ़ हादसे की जांच कर रही है पुलिस : सेन' या ''मेहरानगढ़ दुखांतिका' लिखा जाना काफी था. 

'इंस्पायर्ड अवार्ड पाकर खुश हुए विद्यार्थी' शीर्षक से लगता है कि पुरस्कार प्रेरणा से भरा हुआ है. पुरस्कार प्रेरित नहीं होता, बल्कि पुरस्कार से प्रेरणा मिलती है. यहां 'इंस्पायर्ड' की जगह 'इंस्पायर' लिखा जाना चाहिए था. दरअसल 'इंस्पायर' शब्द 'INSPIRE' है. इसका पूरा अर्थ होता है - 'Innovation in Science Pursuit for Inspired Research'. यह केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक पुरस्कार योजना है, जिसके तहत स्कूलों के विद्यार्थियों को विज्ञान पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इसके तहत प्रत्येक स्कूल के दो विद्यार्थियों को (कक्षा छठी, सातवीं व आठवीं से एक और कक्षा नौवीं व दसवीं से एक) पांच-पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है, ताकि वे विज्ञान से संबंधित मॉडेल या प्रोजेक्ट बना सकें.   

'सैलाब' फारसी शब्द है. इसमें दो शब्द मिले हुए हैं, सैल और आब. सैल का अर्थ होता है बहाव और आब का मतलब होता है पानी. इस प्रकार सैलाब का अर्थ हुआ पानी की बाढ़, जल प्लावन या नदी की बाढ़. अक्सर समाचार के शीर्षकों में सैलाब का उपयोग होता है. 'शीतला के द्वार सैलाब' शीर्षक से तो लगता है, जैसे शीतला माता के मंदिर में  पानी की बाढ़ आ गई हो. यहां 'शीतला के द्वार उमड़े श्रद्धालु' लिखना उचित होता. इसी प्रकार भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा की जगह उमड़े भक्त, श्रद्धा का सैलाब की जगह उमड़ी श्रद्धा, श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा की जगह उमड़े श्रद्धालु और जुलूस में उमड़ा सैलाब की जगह जुलूस में उमड़ा जनसमूह लिखना ज्यादा उचित होता.
श्रद्धा, भक्त या श्रद्धालु पानी या पानी की बाढ़ नहीं हैं. मेरा यह मानना है कि इस प्रकार के शीर्षकों में सैलाब शब्द का उपयोग गलत है. शायद हिंदी के विद्वान भी मेरी बात से सहमत होंगे.

Thursday, 11 March 2010

हिंदी शब्दों के उपयोग में भ्रमवश होने वाली अशुद्धियां - 4

कुछ शब्दों के पूर्व उपसर्ग जोड़ने में अक्सर भूल हो जाती है. किसी भी शब्द में उपसर्ग का उपयोग करने से पहले इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि इनका कोई स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता. उपसर्ग किसी शब्द के साथ मिलकर उसका अर्थ बदल देते हैं या उसमें विशिष्टता ला देते हैं. 'उप' का उपयोग निकट, समान, छोटा या गौण के लिए होता है.
समाचारपत्रों में अक्सर यह देखा जाता है कि 'उप' उपसर्ग के उपयोग में भ्रमवश भूल हो जाती है. कई बार यह देखा जाता है कि अंग्रेजी के डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट के लिए हिंदी में उपवन संरक्षक लिख दिया जाता है, जो गलत है. अंग्रेजी के फॉरेस्ट का अर्थ होता है, जंगल या वन, जबकि उपवन का मतलब है, छोटा वन, छोटा जंगल, बाग बगीचा या फुलवारी. डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट के लिए वन उपसंरक्षक लिखना सही होगा.  

इसी प्रकार जिला परिषद के उपप्रमुख के लिए उपजिला प्रमुख लिखा जाना सरासर गलत है. जिला परिषद जिलास्तरीय निकाय है और इसके सद्स्यों का चुनाव सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाता ही करते हैं. जिला परिषद के सद्स्य प्रमुख और उपप्रमुख चुनाव करते हैं. अक्सर जिला परिषद के प्रमुख के लिए जिला प्रमुख और उपप्रमुख के लिए उपजिला प्रमुख लिखा जाता है. यहां जिला परिषद का प्रमुख और जिला परिषद का उपप्रमुख लिखना उचित होगा. राजस्थान सरकार के पंचायतीराज चुनाव मैन्युअल में भी जिला परिषद का प्रमुख और जिला परिषद का उपप्रमुख शब्दों का उल्लेख किया गया है. उपजिला का अर्थ है, उपखंड, अनुमंडल या सबडिवीजन. जिला परिषद के उपप्रमुख के लिए उपजिला प्रमुख लिखने पर इसका अर्थ होगा कि वह उपखंड, अनुमंडल या सबडिवीजन स्तर के निकाय का प्रमुख है. 

Friday, 5 March 2010

अंग्रेजी से लिये गए शब्दों का लिंग निर्णय

अक्सर हिंदी समाचार पत्रों में स्कूल, बैंक, ट्रक, होटल जैसे शब्दों का उपयोग स्त्रीलिंग में किया जाता है, जो गलत है. इन शब्दों का उपयोग हमेशा पुंलिंग में किया जाना चाहिए.

हिंदी का अंग्रेजी-भाषा से संपर्क लगभग दो सौ वर्षों का ही रहा है, फिर भी अंग्रेजी के हजारों शब्दों का हिंदी में इतना अधिक उपयोग होने लगा है कि लगता है जैसे वे हिंदी के अपने शब्द हैं. हिंदी में अंग्रेजी शब्द कहीं तो अपने हिंदी के पर्यायवाची शब्द का लिंग ग्रहण कर लेते हैं, तो कहीं हिंदी की लिंग व्यवस्था का अनुगमन करते हैं. हिंदी में अंक, जूता पुंलिंग हैं, तो अंग्रेजी में इनके समान अर्थ वाले शब्द नंबर और बूट भी पुंलिंग हैं. इसी प्रकार हिंदी में दक्षिणा, सभा स्त्रीलिंग हैं, तो अंग्रेजी के इनके समान अर्थ वाले शब्द फीस और मीटिंग भी स्त्रीलिंग हैं.

हिंदी में 'आ' पुंलिंग द्योतक प्रत्यय है, इसलिए अंग्रेजी के आकारांत शब्दों का हिंदी में पुंलिंग रूप में ही उपयोग होता है. जैसे - इन्फ्लुएंजा, कोटा, ड्रामा, डेल्टा, निमोनिया, फाइलेरिया, प्रोपेगेंडा, मलेरिया, सिनेमा, हार्निया, हिस्टीरिया आदि.

अंग्रेजी के ओकारांत शब्द हिंदी में पुंलिंग ही हैं. जैसे- जीरो, हीरो, डायनेमो, पियानो. फोटो, मेमो, मोटो, रेडियो, सैंडो, स्टूडियो, स्नो आदि.

अंग्रेजी के अधिकतर अकारांत शब्द भी हिंदी में पुंलिंग ही हैं. जैसे- अल्कोहल, स्कूल, बैंक, ट्रक, टिकट, स्टील आदि.

अपवाद- अपील, कार, कांग्रेस, कान्फ्रेंस, कौंसिल, गैस, जीप, टीम, ट्रेन, नोटिस, पालिश, पिकनिक, पिक्चर, पिन, पुलिस, पेंसिल, पेंशन, फर्नीचर, फाइल, फिल्म, फीस, मशीन, मिल, मोटर, बस, बेंच, बोतल, रिपोर्ट, रेल, लालटेन,

इसी प्रकार अंग्रेजी के ईकारांत शब्दों का हिंदी में स्त्रीलिंग रूप में उपयोग होता है. जैसे- एलोपैथी, एसेंबली, कमेटी, बैटरी, जनवरी, यूनिवर्सिटी, रैली, ट्राली आदि.

अपवाद- अर्दली, जूरी, संतरी, सेक्रेटरी आदि.

अंग्रेजी के शब्द जिनके अंत में लिंग या शिप होता है, हिंदी में उनका उपयोग स्त्रीलिंग रूप में होता है. जैसे- चैंपियनशिप, लीडरशिप, ड्राइविंग, स्केटिंग आदि.

हिंदी में अंग्रेजी के पुंलिंग शब्द - अल्कोहल, अल्टीमेटम, अल्यूमीनियम, आक्सीजन, आर्डर, ऑपरेशन, ऑडिट, ऑडिटर, ऑडिटोरियम, आफिस, आयल, इंजन, इंजीनियर, इंजेक्शन, इंस्पेक्टर, ईयर, ईस्टर, ईथर, एक्सप्रेस, एक्सरे, एसिड, एंबुलेंस, एसोसिएशन, एक्सरसाइज, एथलीट, एडमिशन, ओवरटाइम, कमीशन, कर्फ्यू, कार्ड, कार्बन, कार्पोरेशन, कापीराइट, कालेज, कालबेल, कॉलरा, कालर, क्रिकेट, क्रिसमस, क्लिनिक, कैरियर, कैंटीन, कैमरा, केन, कैंप, कैरम, कैलेंडर, कैंसर, कोट, कोर्ट, क्लब, क्लास, क्वार्टर, क्लिप, गजट, गाइड, ग्राम, ग्रास, गोल्फ, ग्रामोफोन, गैलन, ग्लास, चाकलेट, चार्जशीट, चार्टर, टाइपराइटर, टाइफाइड, टार्च, टायर, ट्रांजिस्टर, टिकट, टिफिन, टिंचर, ट्यूब, टेबुल, टेम्स, टेनिस, टेप, टेलीप्रिंटर, टेलीफोन, टेलीविजन, टैक्स, टैबलेट, टेंडर, टूर्नामेंट, टूथपेस्ट, टूथपाउडर, ट्रक, ट्रैफिक, ट्रैक्टर, ट्रिब्युनल, ट्रांजिस्टर, ट्रांसफार्मर, डंबल, ड्राम, डायनामाइट, डायनेमो, डायरिया, डिनर, डिवीजन, डिस्पैच, डीजल, डेरा, डेस्क, ड्राफ्ट, ड्रम, ड्रेस, ड्रामा, ड्राइंगरूम, थर्मस, थियेटर, थ्रेशर, नंबर, नाइट्रोजन. नोट, नेकलेस, पंप, पंपसेट, परमिट, पाउडर, पार्क, पासपोर्ट, पार्लियामेंट, पार्सल, पिंगपौंग, पिपरमेंट, पेट्रोल, पेंसिल, प्रेस, पोस्टर, प्रोटीन, प्लास्टर, प्लग, प्लेग, प्लेट, प्लेटिनम, प्लेटफार्म, प्लांट, प्रोमोशन, प्रोपेगेंडा, प्रॉविडेंडफंड, फर्नीचर, फर्म, फार्म, फोर्ट, फाउंटेनपेन, फाइलेरिया, फिनायल, फिलामेंट, फीचर, फील्ड, फ्रॉक, फुटपाथ, फुटबाल, फुलपैंट, फैशन, फ्लैट, फ्यूज, फ्रेम फ्लोर, बजट, ब्रश, वाउचर, ब्रॉडकास्ट, बाथरूम, बुलेटिन, बुलडोजर, बिल, बैंक, बैलेट, बैलून, बैडमिंटन, बोनस, बोर्ड, ब्लेड, ब्लाउज, ब्रेक, ब्लैडर, ब्लॉक, मलेरिया, मिनट, मिशन, मेमो, मेल, मोनोग्राम, मैच, म्यूजियम, यूथ, यूरेनियम, रबर, रॉकेट, राशन, रिकार्ड, रिबन, रिवाल्वर, रिमांड, रिसीवर, रिहर्सल, रेजर, रेस्टोरेंट, लाइसेंस, लिंटर, लिपिस्टिक, लीटर, लीडर, लीज, लेक्चर, लेजर, लेटर, लोशन, लैंप, वार्ड, वारंट, वाउचर, वीटो, वीसा, विकेट, वायरस, सार्जेंट, सिगनल, सिंडिकेट, सीमेंट, सेंट, सेंसर, सेकंड, सैलून, स्कूटर, स्कूल, स्टांप, स्टीमर, स्टील, स्टार, स्टेशन, स्नो, स्लीपर, स्विच, स्केल, स्केच, स्कोर, स्क्रीन, स्क्रैप, स्क्रू, स्कर्ट, स्काउट, श्कालर, स्लाइस, स्टुडियो, स्वेटर, स्टेज, स्टोर, स्टैंडर्ड, हाइड्रोजन, हाइफन, हारमोनियम, हॉल, हॉस्पिटल, हेलिकॉप्टर, हेयर, होम, हैंगर, होटल.

हिंदी में अंग्रेजी के स्त्रीलिंग शब्द - आइसक्रीम, एलोपैथी, एसेंबली, कमेटी, कंपनी, कॉपी, कॉन्फ्रेंस, कारबाइन, केतली, गारंटी, गैलरी, गैस, चिमनी, केमिस्ट्री, जनवरी, जरसी, जेल, जुलाई, ज्योमेट्री, टाई, ट्राली, ट्रेजरी, ट्रेजेडी, डायरी, डयबिटीज, ड्राइंग, डिग्री, डिस्पेंसरी, डिजाइन, डिमांड, डेमोक्रेसी, डिप्लोमेसी, डिपॉजिट, नोटिस, पार्टी, पालिसी, पार्किंग, पार्टनरशिप, पिन, पिक्चर, पुलिस, पेंशन, पेनाल्टी, पेनी, पोस्ट, पोस्टिंग, प्रैक्टिस, फ्लैशलाइट, फ्लाइंगबोट, फरवरी, फिलॉसफी, फैकल्टी, फैक्टरी, बायोलॉजी, बाइबिल, बोरिंग, ब्लीडिंग, बार्ली, बैटरी, म्यूनिसिपैलेटी, यूनिवर्सिटी, रैली, रेलिंग, राइफल, रिव्यू, रिपोर्ट, रेट, रेजिमेंट, रेलवे, लिस्ट, लीडरशिप, लीक, लॉटरी, लैबोरेटरी, साइंस, साइकिलिंग, सीनेट, सीरीज, सैल्यूट, स्पीच, स्पीड, स्टाइल, स्लेट, स्किन, स्टिक, स्ट्राइक, स्प्रिंग, स्पिरिट, स्कीम, स्लिप, हॉकी, होम्योपैथी.

Wednesday, 3 March 2010

हिंदी शब्दों के उपयोग में भ्रमवश होने वाली अशुद्धियां-3

बैंकों में लूट दिनदहाड़े ही होती है
आमतौर पर अखबारों में समाचार वैसी घटनाओं के आधार पर बनते हैं, जो सामान्य प्रकृति और नियमों के विरुद्ध होते हैं. वर्षों पहले चोरी, लूट व डकैती की घटनाएं अक्सर रात में ही होती थीं. उन दिनों इस तरह के अपराध दिन में होने पर आश्चर्य होना स्वाभाविक था. भारत में अधिकतर बैंक दिन में ही खुलते हैं और उनमें लेनदेन दिन में ही होता है. जिन बैंकों में दिन में कार्य होता है, उनमें लूट की संभावना भी दिन में ही रहती है. इसलिए अगर दिन के समय में किसी बैंक में लूट की घटना होती है, तो संबंधित समाचार में दिनदहाड़े शब्द का उपयोग करना गलत होगा. बैंक दिन में खुलेंगे, तो लूट की घटना भी दिन में ही होगी. वाक्य में एक साथ 'दोपहर दिनदहाड़े' लिखना तो बिल्कुल गलत है, दोपहर भी दिन में ही होती है. हेडिंग में 'दिनदहाड़े बैंक लूटा' पढ़ कर ऐसा लगता है कि जहां लूट की घटना हुई है, उस बैंक का नाम 'दिनदहाड़े बैंक' है, जैसे 'देना बैंक' 'इलाहाबाद बैंक'.